मंगलवार, 8 जून 2010

अरे भगवान से डर...............



अरे भगवान से डर...............
आम भाषा में यह अक्सर सुनने में आ ही जाता है। अगर कोई कुछ गलत कर रहा हो या किसी दुर्बल को सता रहा हो ये ही कहते हैं अरे भाई रहम कर ऊपर वाले से डर उसकी लाठी की आवाज नही आती। ऐसा भी नही है कि ये बात सिर्फ भारत या किसी एक सम्प्रदाय में ही हो। हुआ युं कि कल में एक गली से निकल रहा था वहां किसी घर में पति पत्नि का झगङा हो रहा था पति ने पता नही क्या लेकिन बीबी रोती हुई कह रही थी की आप ऐसा कह रहे हो भगवान से डरो वो सबकुछ देख रहे हैं। मैं अपने घर पर आ गया लेकिन घर पर आकर भी मेरे दिमाग में वो ही बात घुमती रही कि भगवान से डर। इसका मतलब की सारी दुनिया ही उससे डरती है जितना भी में इस बात पर चिंतन करता उतना ही उलझता गया की क्यों कहते हैं लोग ये बात की भगवान से डर.......
इसका अर्थ यह हुआ कि जो भी उसे याद करता है कहीं ऐसा तो नही की डरकर ही लोग नमाज अदा करते हो या मंदिर में गुणगान करते हों। वह बहुत शक्तिशाली है सर्वगुण सम्पन्न है उसके समान भी कोई नही फिर अधिक तो कैसे हो सकता है। जब सारी दुनिया ऊपर वाले से भयभीत है अब सबसे बङी बात बात ये आयी की जिससे हम डरते हैं तो उससे प्रेम कैसे करते होंगे क्योंकि यह तो मानव मन का स्वभाव है जिससे भी डरेगा या डरता है तो उससे नफरत या घृणा ही करेगा। जो लाखों की संख्या में मंदिरों मे मस्जिदों और गिरीजाघरों में भीङ लगी रहती है इतनी लम्बी लम्बी कतारें लगी रहती हैं। इसका कारण मेरी समझ नही आया हां हो सकता है कि भय के कारण ही हो। साधारणत अगर हम किसी से डरते हैं या कोई हमसे ताकतवर है शक्तिशाली है वह घर में हो या दफ्तर में गां शहर कहीं भी उससे कितने प्रेम से पेश आते हैं हम लेकिन सत्य यह है कि अंदर से प्रेम नही करते बस प्रेम का अभिनय कर रहे दिखावा कर रहे हैं। कि जो बात हम सबको सिखाई जाती है कि उपर वाले से डरो यह भ्रम सम्प्रदाय के ठेकेदारों मुल्ला मोलवी पंडित पादरी उन्होंने ही कही क्योंकि अगर लोग भगवान से डरेंगे तो इन्ही के पास जायेंगे ओर चढावा देंगे। और हो भी ये रहा है। जरा याद करो राम जन्म भुमि पर कितने लोगो का खुन बहा था कितने लोग मारे गये थे। इसी तरह बाबर और ओरंगजेब ने ना जाने कितने मंदिर तोङे ओर उन पर मस्जिद बनायी। हम लोग बङे भोले हैं जरा से डरा दिये गये कि ऊपर वाला तुम्हे कभी माफ नही करेगा तो हम लोग तन मन धन से समर्पित हो जाते हैं। जरा सभी देवताओ पीर पैगम्बरो का ध्यान करें भोले बाबा को जंगलों में दिखाया गया विष्णु जी को सागर में और ब्रह्मा जी को कमल पर आसिन दिखाया गया है इनके पास क्या कमी थी अपने लिए एक भव्य सा महल नही बना लेते। जो बाबर और ओरंगजेब ने अल्लाह के नाम पर इतने मंदिर तोङे उनका तो कोई रूप ही नही है फिर किसको स्थापित करने के लिए इतने बेकसुर लोगो का खुन बहाया। रही प्रेम के दिवाने ईसा की बात तो आज तक बेचारे को कहीं महल में नही दिखाया बस क्रुस पर लटके और अस्तबल में जन्म दिखाया। किसी ने भी यह नही कहा की तुम मेरे लिए किसी का खुन बहाओ और जो काफिर मेरे रास्ते पर ना चले तो उसे जिंदा जला दो। ये तो हमें उसके नाम से डराया गया है। लेकिन सम्प्रदायों के ठेकेदारों ने हमें इतना भयभीत कर दिया की ऊपर वाले के नाम पर हमसे कुछ भी करा लो। मेरी बात वो ही समझ नही आयी की अगर हम उससे डरें तो प्रेम कैसे करेंगे। किसी ने कहा है कि भय बिन प्रीत नही...... यह बात को सत्य मान भी ले तो लेकिन भय वाली प्रीत श्रद्धावान नही होगी उसमें सम्पर्ण नही होगा। भगवान ने अर्जुन को गीता में कहा है कि तु भय मत कर यानि की व्यक्ति जब तक भयभीत रहेगा तो उस प्रमात्मा तक पहुंच ही नही सकता। सीधी सी बात है कि जिससे हम डरेंगे उसके पास कभी भी अपनी मर्जी से नही जायेंगे बल्कि उल्टा जाने से कतरायेंगे। ये समाज ऊपर वाले के नाम से फैला भय ही तो हमारा सबसे बङा शत्रु है जो हमे एक दुसरे दुर करके रखता है।
भय रहित रहो किसी से कोई डरने की आवस्यकता नही ऊपर वाला तो हमें बहुत प्रेम करता है बस तुम उससे प्रेम करो वो हमको प्रेम करते हैं। उनके नाम से किसी को डराओ नही की तुम नरक में जाओगे बस उनके कर्मों के बारें बताकर उनका वर्णन करके सब भाईयों को भी ऐसा ही करने की सिख दो। जय हिंद जय भारत

रविवार, 6 जून 2010

हिंदू बनों ना मुस्लिम बनो............




हिंदू बनों ना मुस्लिम बनो............
आप भी सोच रहे होंगे की कैसा आदमी है क्या कह रहा है कि हिंदू बनों ना मुस्लिम तो और क्या बने हमें किसी दुसरे बेङे में तो नही बांध रहा है बिलकुल नही भाई.... लेकिन आज तो सरकार भी जो हमारी गिनती कर रही है जाति के आधार पर ही कर रही है कितने हिंदू है तो कितने मुस्लिम कितने दलित तो कितने अनुसुचित देश में होङ सी लगी है और हमारे यहां तो बङे गर्व से कहते हैं कि हम तो जाट हैं....
हिंदू बनों ना मुस्लिम बनो तो क्या बने.....
ये तो हमारे नेताओं ने समाज के ठेकेदारों ने अपनी गद्दी के लिए वोटों के लिए हमें बांट दिया है और सब अपने अपने बेङे के ठेकेदार बन कर बैठ गये हैं। उन्हे किसी से भी कुछ लेना देना नही है। अभी मैंने एक मुस्लिम नेता के बयान सुने थे कह रहा था कि सब मुस्लिमों को एक होकर अपनी पार्टी बनानी चाहिए जिससे हम सत्ता में आ सके और कहीं किसी दुसरे की मुंह की तरफ नही देख सके। कोई हिंदू संगठन वाले कुछ कहते हैं। भाईयों हमें ही चिंतन करना चाहिए क्यों किसी के हाथों की कठपुतली बन रहे हो। मेरा नाम शिवा की जगह सरफराज रख दो तो क्या मेरी मानसिकता बदल जायेगी बिलकुल नही। जो भी गद्दी पर बैठेगा वो गरीबों का शोषण ही करेगा। आजादी के 65 साल से ज्यादा हो गये बहुत से नेता देखे होंगे किसी ने किसी के लिए कुछ किया। जो आम आदमी हैं उनकी आस्था और भावनाओं से खेलकर अपना उल्लु सिधा करते हैं। कहीं कोई मंदिर जले या मस्जिद गिरे उन पर कोई फरक नही पङता उनका भगवान हो या अल्लाह सब कुछ पैसा ही है तभी तो वो हमें कोई हमें हिंदू कहकर लुट लेता तो कोई मुस्लिम कहकर और हम इतने झटके खाने के बाद भी नही सम्भलते तो क्या हम बेवकुफ नही।
कल मैं गीता पाठ कर रहा था तो एक शब्द्ध आया की हे अर्जुन तु मेरा भक्त बन बस मेरा दिमाग उसी बात पर आकर ठहर गया कि भगवान ने यह ही क्यों कहा उन्होंने क्यों नही कहा कि तु हिंदू बन......
जब जब इस धरती पर अपराध हिंसा और अत्याचार बढता है उसका सबसे बङा कारण ये दरार चाहे वह सम्प्रदाय की हो कोई दुसरी मुख्य बात यह है कि जब जब किसी चीज के टुकङे होंगे तो परेशान करेंगे ही..............
हिंदू बनों ना मुस्लिम बनो बस जो भगवान ने हमें दिया है उसी को सम्भाल कर चलो तो बहुत महान कार्य कर दोगे... ऊपर वोले ने हमें ना हिंदू बनाया ना मुस्लिम बनाया बस एक छोटा सा इन्सान बनाया है और कहा है कि तु मेरा भक्त बन इसमे ऐसा नही है कि कह रहे हो कि तु मुर्ती को मंदिर में रखकर पुज नही, भाई कहा है तु मेरा भक्त आगे बङी सावधानी से पढना कि मेरा बताया विराट रूप कि जो भी ये चर अचर है सारी दुनिया में जो भी दिखाई दे रहा है मेरा ही रूप है तु उसका भक्त बन ये नही कहा कि जाकर एक खुंटे पर बंध जाना और जो उस खुंटे पर ना बंधे तो उसको मार देना। सबसे प्यार कर जहां हिंसा हो रक्त पात हो अन्याय हो बंधन हो वहां कभी कोई धर्म नही ठहर सकता। आज धर्म के नाम पर ही हम सबको बेवकुफ बनाया जा रहा है। जितने भी आतंकी है उनको पढाया जाता है कि अगर अपने धर्म पर चलते हुए मोत भी हो जाये तो जन्नत में जाओगे उन बेचारे सिधे युवाओं को क्या पता कि कोन से धर्म की बात कर रहे है ये लोग और उनकी शतरंज के मोहरे बनकर इतना रक्तपात करते हैं ये नही मालुम की जो तुम ये नर संहार कर रहे इसका परिणाम तो भुगतना ही पङेगा।।।।।।
सब भाई ज्ञानी है सब समझदार हैं किसी के पास ज्ञान की कमी नही है बस सावधान हो जाओ और कोई कहीं कोई जाल बिछा देखो तो फंसना नही है............
हमें ना हिंदू बनना है ना मुस्लिम बस एक इन्सान बनना है...... जय हिंद जय भारत